*केकड़ी 07अप्रैल (पवन राठी )*
*सेवा, त्याग और मानवता की अनुपम मिसाल प्रस्तुत करते हुए केकड़ी निवासी शशिकला देवी ने अपने निधन के पश्चात देहदान एवं नेत्रदान कर समाज को एक अमर प्रेरणा दी है। उनका यह महान निर्णय न केवल जरूरतमंदों के जीवन में नई रोशनी लाएगा, बल्कि समाज को परोपकार और मानव सेवा के मार्ग पर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेगा।*
*जानकारी के अनुसार, 22 फरवरी 2026 को श्री शांति वल्लभ द्विवेदी एवं उनकी धर्मपत्नी श्रीमती शशिकला देवी ने भारत विकास परिषद शाखा केकड़ी की प्रेरणा से देहदान का संकल्प लिया था। परिषद की इस प्रेरणा को उन्होंने अपने जीवन के अंतिम पड़ाव के बाद भी साकार कर समाज के सामने एक उच्च आदर्श प्रस्तुत किया।*
*शाखा अध्यक्ष बहादुर सिंह शक्तावत ने बताया कि श्रीमती शशिकला देवी के आकस्मिक निधन के पश्चात उनके पति श्री शांति वल्लभ द्विवेदी द्वारा सूचना दिए जाने पर परिषद के सहयोग से मध्य रात्रि में नेत्रदान की प्रक्रिया सफलतापूर्वक संपन्न कराई गई। इस दौरान आई बैंक सोसाइटी के डॉ. भारत शर्मा अपनी टीम सहित तत्काल केकड़ी पहुंचे और आवश्यक चिकित्सा प्रक्रिया पूर्ण की। इस नेत्रदान से कई जरूरतमंदों को दृष्टि मिलने की संभावना है।*
*इस पुनीत कार्य में मृतिका के परिजनों ने भी पूर्ण सहयोग देते हुए मानवता का अद्वितीय उदाहरण प्रस्तुत किया। परिजनों में पति श्री शांति वल्लभ द्विवेदी, भाई इंद्र वल्लभ, पुत्र जितेंद्र दवे, पुत्री सुनीता, सुपौत्री हर्षिता एवं सुपौत्र ऋतिक उपस्थित रहे और उन्होंने पूरे संकल्प को सम्मानपूर्वक पूर्ण कराया।*
*शाखा सचिव रामनिवास जैन ने बताया कि मंगलवार प्रातः 7:30 बजे श्रीमती शशिकला देवी का पार्थिव शरीर देहदान हेतु जे.एल.एन. मेडिकल कॉलेज, अजमेर के लिए रवाना किया गया। पुष्पहारों से सुसज्जित एंबुलेंस में उनके पार्थिव शरीर को शांतिनाथ मंदिर, पुरानी केकड़ी से भेरू गेट, सरसड़ी गेट, खिड़की गेट, घंटाघर, अजमेरी गेट होते हुए राजपथ नगरपालिका रोड तक ले जाया गया। मार्ग में नागरिकों ने भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित कर उन्हें अंतिम विदाई दी।*
*परिषद शाखा के प्रमुख सदस्य सर्वेश विजय, कैलाश चंद जैन, रामगोपाल सैनी एवं रामनिवास जैन ने परिजनों के साथ अजमेर के जवाहर लाल नेहरू हॉस्पिटल के पहुंचकर देहदान की प्रक्रिया पूर्ण करवाई। साथ अंतिमयात्रा में परिषद के संरक्षक रामनरेश विजय, अध्यक्ष बहादुर सिंह शक्तावत, सचिव रामनिवास जैन, प्रांतीय कार्यकारिणी सदस्य सर्वेश विजय, कैलाश चंद जैन, अनिल राठी, नंदलाल गर्ग, विमल कोठारी, शिव बियानी, पुरुषोत्तम शर्मा सहित शहर के अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।*
*देह दानी शशिकला देवी का यह महान निर्णय समाज में सेवा, समर्पण और मानवता की भावना को नई दिशा देने वाला है। भारत विकास परिषद शाखा केकड़ी की प्रेरणा से किया गया यह पुनीत कार्य निश्चित ही आने वाली पीढ़ियों के लिए एक आदर्श बनकर अधिक से अधिक लोगों को देहदान एवं नेत्रदान के लिए प्रेरित करता रहेगा।*













