*हत्या के दो आरोपीयों महावीर व् कन्हैया लाल टांकावास को कोर्ट ने किया आरोपमुक्त*

*सावर पुलिस ने अनुसन्धान में पाया था दोषी*
*केकड़ी 12 अप्रैल (पवन राठी )*
*हत्या की आरोपी बरी*
*अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश प्रथम ने हत्या की आरोपी महावीर पुत्र धन्नालाल खटीक व कन्हैया लाल पुत्र कैलाश खटीक निवासीगण टांकावास तहसील सावर जिला अजमेर को दोष मुक्त करने का आदेश दिया  परिवादी हंसराज पुत्र कैलाश खटीक ने निवासी टाकावास तहसील सावर जिला अजमेर ने पुलिस थाना सावर में रिपोर्ट दर्ज करवाई की में दिनांक 1 सितंबर 2023 को मेरे गांव टाकावास से रामदेवरा पैदल रवाना हुआ था दिनांक 2 सितंबर 2023 को मसूदा पहुंचा तो रात्रि के करीबन 12:30 बजे गांव वालों ने जानकारी दी कि तेरे पिताजी कैलाश की मृत्यु हो चुकी है मैं सुबह 5:00 बजे टांकावास पहुंचा और मेरे पिताजी कैलाश को देखा तो शरीर कई चोटों के निशान थे जिनके बारे में कन्हैयालाल ने बताया कि वह शराब के नशे मे गिर गए फिर  परिवार वालों ने व गांव वालों ने दाहसंस्कार करवा दिया दिनांक 4 सितंबर 2023 को  मेरे पिताजी की मृत्यु के बारे में जानकारी करी तो पता चला कि कन्हैया लाल ने मेरे पिताजी कैलाश की हत्या कर हत्या को छुपाने के लिए  लाश का दाह संस्कार करवा दिया  उक्त रिपोर्ट पर सावर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर सावर पुलिस ने अनुसंधान में पाया की रात्रि को कन्हैयालाल घर पर आया और कैलाश अपने मकान के बाहर खाट पर सो रहा था और सोते हुए पर लकड़ी से ताबड़तोड़ गंभीर मारपीट करने से कैलाश खटीक की मौके पर ही मृत्यु हो गई थी तथा महावीर खटीक को उक्त घटना की संपूर्ण जानकारी होने के बावजूद भी  सबूत को मिटाने के लिए लाश पर पानी डलवाया और बिना पोस्टमार्टम करवाएं ही  लाश का अंतिम संस्कार करवा दिया था  जिस पर माननीय न्यायालय में पुलिस थाना सावर ने मुलजिमान के खिलाफ धारा 302 ,201 भारतीय दंड संहिता के तहत आरोप पत्र प्रस्तुत किया गया और माननीय न्यायालय में अभियोजन पक्ष ने कुल 11 गवाहों के बयान करवाए गए l*
*बचाव पक्ष के अधिवक्ता निर्मल चौधरी का तर्क था कि  गवाहों  के बयानों में भारी विरोधाभास कथन  किए है जिससे मुलजिमानगण के खिलाफ आरोप साबित नहीं होते हैं जिस पर माननीय न्यायालय द्वारा अधिवक्ता के  विभिन्न तर्कों से सहमत होते हुए मुलजिमानगण को बरी (आरोप मुक्त )करने का आदेश पारित किया l*

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