*केकड़ी 02अप्रैल (पवन राठी )*
*विश्व ऑटिज़्म जागरूकता दिवस के अवसर पर यूनिवर्सिटी कॉलेज ऑफ़ होमियोपैथी, केकड़ी के प्रैक्टिस ऑफ़ मेडिसिन विभाग द्वारा पीएम श्री राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, केकड़ी में विद्यार्थियों एवं शिक्षकों के लिए एक जन जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया।*
*इस वर्ष की थीम “ऑटिज़्म और मानवता – हर जीवन मूल्यवान है” रही। इस विषय ने यह संदेश दिया कि मानवता के आंगन में हर बच्चा, चाहे वह किसी भी चुनौती से जूझ रहा हो, समान सम्मान और अवसर का अधिकारी है।*
*इस शिविर में विद्यालय के 200 से अधिक विद्यार्थियों, शिक्षक-शिक्षिकाओं एवं अन्य कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए स्वास्थ्य संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त की।*
*शिविर के चिकित्सा प्रभारी एवं विभागाध्यक्ष प्रैक्टिस ऑफ़ मेडिसिन विभाग डॉ. अंशुल चाहर ने सत्र की शुरुआत करते हुए द्वारा किया गया ऑटिज़्म के बारे में विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि यह एक न्यूरो-डेवलपमेंटल स्थिति है, जिसके अंतर्गत बच्चों में सामाजिक व्यवहार और व्यवहारिक पैटर्न में बदलाव देखने को मिलता है। उन्होंने इसके प्रमुख लक्षणों एवं पहचान के तरीकों पर भी प्रकाश डाला। साथ ही बताया की अभिभावकों एवं शिक्षकों की भूमिका को अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि यदि शुरुआती अवस्था में ही लक्षणों को पहचान लिया जाए तो बच्चों को बेहतर सहयोग, विशेष प्रशिक्षण एवं समुचित चिकित्सा प्रदान की जा सकती है।*
*इसके पश्चात प्रैक्टिस ऑफ़ मेडिसिन विभाग की सहायक आचार्य डॉ. साक्षी शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि ऑटिज़्म से प्रभावित व्यक्तियों को हीन भावना से नहीं देखना चाहिए, बल्कि उन्हें समझते हुए उनके प्रति संवेदनशीलता और सहयोग का भाव रखना चाहिए। उन्होंने समाज की जिम्मेदारी पर जोर देते हुए ऑटिज़्म एवं होम्योपैथी की भूमिका के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी।*
*कार्यक्रम के अंत में पीएम श्री राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, केकड़ी के प्राचार्य श्री गोपाल लाल रेगर ने उपस्थित चिकित्सकों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रम विद्यार्थियों के समग्र विकास के लिए अत्यंत उपयोगी हैं।*
*शिविर के सफल संचालन में प्रथम पारी प्रभारी श्री विनोद जैन किया एवं विद्यालय परिवार के द्वितीय पारी प्रभारी राजेंद्र जैन, व्याख्याता रमेश दसानिया, गुलाब मेघवंशी, परिचय पाण्डेय, वेणु सेन, जुगल जाखल, देवेन्द्र धंधोलिया सुरेश चौधरी आदि सभी विद्यालय परिवार के सदस्यों का सहयोग रहा। प्रधानाचार्य गोपाल लाल रैगर ने बताया कि हमें जागरूक रहना चाहिए एवं अपने आस पास के रहने वाले लोगों को भी जागरूक करने हेतु प्रेरित किया एवं अतिथियों का आभार व्यक्त्त किया।*
*वहीं यूनिवर्सिटी कॉलेज ऑफ़ होमियोपैथी, केकड़ी के प्राचार्य एवं चिकित्सालय अधीक्षक डॉ. पुनीत आर. शाह ने विद्यालय प्रबंधन का धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि ऑटिज़्म जैसे विषयों पर समय-समय पर संवाद और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करना अत्यंत आवश्यक है, ताकि समाज के प्रत्येक वर्ग में यह संदेश पहुंचे कि हर बच्चा विशेष है और उसे समान अवसर एवं सम्मान मिलना चाहिए। कार्यक्रम का संचालन उप प्रधानाचार्य विनोद जैन ने किया।*















