केकड़ी 01 अप्रैल (पवन राठी )*
*प्रार्थी बहादुर सिंह ने पुलिस थाना भिनाय में एक रिपोर्ट दिनांक 9 जुलाई 2009 को पेश की कि करीब 3 बजे मोटरसाइकिल पर दो व्यक्ति आए । एक व्यक्ति ओम भाम्भी निवासी रूपपूरा मोटरसाइकिल चला रहा था और एक व्यक्ति उसके पीछे बैठा हुआ था । उन्होंने मकान के सामने व पीछे 2-3 चक्कर लगाए व उसको ओम ने उसका बड़े भाई शेर सिंह के लिए पूछा कि शेर सिंह कहां है । उसने कहा कि वह चौराहे पर गया हुआ है । इतना पूछ कर चले गए । समय करीब 7:50 बजे शाम को फिर दो अनजान व्यक्ति मोटरसाइकिल लेकर आए । जिसमें आगे वाले ने हेलमेट लगा रखा था व पीछे वाले ने मुंह बांध रखा था दोनों पीली शर्ट पहने हुए थे । उसे समय घर के बाहर वह स्वयं खड़ा था । उक्त दोनों व्यक्ति फाटक पर जाकर वापस मोटरसाइकिल पर आये ओर आते ही घर के बाहर फायर किया । वह दीवार की साइड में हो गया नहीं तो कट्टे के फायर कर उसे जान से मार देते एवं उक्त व्यक्तियों ने एक फायर दुकान के सामने कुछ व्यक्ति पर किये एवं फायर कालू चाचा जो अपने मकान के सामने चारपाई पर बैठे थे, उन पर किये। उक्त लोगों ने जान से मारने की नीयत से देशी कट्टे से उसके ऊपर फायर किया।*
*उक्त रिपोर्ट पर भिनाय पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर अनुसंधान आरंभ किया तथा अनुसंधान बाद अभियुक्त के विरुद्ध अपराध धारा 307, 120 बी ,भा.द.स में आरोप पत्र न्यायालय में पेश किया। उक्त प्रकरण में धारा 307, 120 बी, भा.द.स में न्यायालय ने संज्ञान लेकर सेशन न्यायालय द्वारा विचाराधीन होने से प्रकरण सेशन न्यायालय में कमिट किया गया । बहस चार्ज सुनने के पश्चात अभियुक्तगण धनसिंह ,ओमप्रकाश व आनन्द ,शिवराज व देवेंद्र को आरोप पृथक से विरचित कर सुनाया ।* *अभियुक्तगण ने आरोप सुन समझ कर अस्वीकार किया व अन्वीक्षा चाही।*
*अभियोजन पक्ष की ओर से 26 गवाह लेखबद्ध करवाए गए तथा 16 दस्तावेजी साक्ष्य प्रदर्शित करवाये गए।*
*उक्त प्रकरण में मुलजिम धनसिंह की ओर से एडवोकेट जी. एस सोढ़ी व आसिफ हुसैन ने पैरवी करते हुए न्यायालय में विभिन्न तर्क प्रस्तुत किया उक्त प्रकरण की सुनवाई करते हुए न्यायालय ने एडवोकेट जी. एस सोढ़ी व आसिफ हुसैन के तर्कों से सहमत होते हुए मुल्जिम धनसिंह को संदेह का लाभ देते हुए बरी करने की आदेश दिए ।*









