*श्री सुधासागर स्कूल में लीगल लिट्रेसी एंड सेंसिटाइजेशन प्रोग्राम के अंतर्गत साइबर क्राइम से बचाव व नारी सुरक्षा के सम्बंध में जानकारी दी ।*
*केकड़ी 10अप्रैल (पवन राठी )*
*वरिष्ठ सिविल न्यायाधीश एवं अतिरिक्त न्यायिक मजिस्ट्रेट हीरल मीणा ने स्कूली विद्यार्थियों से कहा कि वे साइबर अपराधों व ब्लैकमेलिंग से डरें नहीं और इसकी सूचना विधिक सेवा समिति को दें। उन्होनें विद्यार्थियों से कहा कि ऑनलाइन क्लिक करने से पहले सोचो और सुरक्षित रहो। वे यहां शुक्रवार को सापंदा रोड स्थित श्री सुधासागर दिगंबर जैन विद्या विहार सीनियर सेकेंडरी स्कूल में तालुका विधिक सेवा समिति के अंतर्गत आयोजित लीगल लिट्रेसी एंड सेंसिटाइजेशन प्रोग्राम में मुख्य अतिथि व मुख्य वक्ता के रूप में विद्यार्थियों से रूबरू हुई।*
*उन्होनें अपने उद्बोधन में साइबर सुरक्षा एवं स्त्री सुरक्षा की जानकारी दी। साथ ही बालिकाओं को उनके कानूनी अधिकारों के साथ-साथ वर्तमान समय की गंभीर चुनौतियों से निपटने के गुर सिखाए। न्यायाधीश हीरल मीणा ने अपने संबोधन में विधिक अधिकारों की जानकारी देते हुए विशेष रूप से साइबर अपराधों के प्रति सचेत किया।*
*उन्होंने बालिकाओं को आगाह करते हुए कहा कि भीड़ के बीच असामाजिक तत्त्व अधिक सक्रिय रहते हैं और बच्चे बुलिंग द्वारा परेशान किये जाते है। ऐसी स्थिति में इसकी सूचना विद्यालय स्तर पर अथवा चाइल्ड हेल्प लाइन 1098 पर दी जानी चाहिए। न्यायाधीश श्रीमती हीरल मीणा ने बताया कि आज के आधुनिक युग में साइबर क्राइम बढ़ता जा रहा, जिसमें अपराधियों द्वारा ब्लेक मेलिंग, डिजिटल अरेस्ट, साइबर एब्यूज, हार्मफुल एडिटिंग पिक्चर आदि खतरे सामने आ रहे हैं, जो विद्यार्थी के लिए जानलेवा साबित हो रहे है।*
*उन्होंने कहा कि विद्यार्थी को कभी भी मोबाइल अथवा ऑनलाइन गेमिंग की लत नहीं होनी चाहिए।* *साइबर अपराधों से बचने के लिए अथवा साइबर अपराध का शिकार होने पर विद्यार्थी 1930 नम्बर डायल करके सीधे सहायता प्राप्त कर सकते है। उन्होनें कहा कि बचाव ही इन सब चीजों से बचने का उपचार है।*
*उन्होनें बताया कि बच्चों को इस प्रकार के अपराधों से बचने के लिए तथा आर्थिक सहायता हेतु रॉल्सा और डालसा की सुविधा दी गई है।* *कार्यक्रम के दौरान न्यायाधीश मीणा द्वारा विद्यालयों में दीदी बक्सा लगवाने की घोषणा की गई, ताकि छात्राएं किसी भी प्रकार की शिकायत को गोपनीय तरीके से पहुंचा सके। यह बक्सा राजकीय कर्मचारियों के द्वारा ही खोला जाएगा। उन्होनें कहा कि किसी भी स्थिति में, किसी भी विद्यार्थी को डरने की कोई आवश्यकता नहीं है।*
*न्यायाधीश मीणा ने ऑनलाइन गेम्स की अपेक्षा आउटडोर गेम्स की महत्ता पर प्रकाश डाला तथा मानसिक विकास के लिए स्क्रीन टाइम को कम से कम करने पर जोर दिया। इस दौरान विद्यार्थियों ने अपनी जिज्ञासाएं भी प्रस्तुत की, जिनका न्यायाधीश मीणा ने समाधान किया।* *शिविर में कक्षा आठ से बारह तक के करीब तीन सौ से अधिक विद्यार्थियों को साइबर क्राइम व साइबर एब्यूज के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई।*
*कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलन के साथ किया गया। तत्पश्चात प्रधानाचार्य एस एन खण्डेलवाल व उपप्रधानाचार्य कैलाशचन्द शर्मा की अगुवाई में वरिष्ठ अध्यापिका शिप्रा जैन व रेखा आचार्य ने माल्यार्पण, तिलक व शॉल ओढ़ाकर मुख्य अतिथि न्यायाधीश हीरल मीणा का स्वागत किया।* *प्रधानाचार्य खण्डेलवाल ने अपने स्वागत उद्बोधन में शिविर की महत्ता पर प्रकाश डाला। उपप्रधानाचार्य कैलाशचंद शर्मा ने आभार व्यक्त करते हुए कहा कि न्यायाधीश महोदय द्वारा दी गई जानकारी आज के डिजिटल युग में छात्राओं की सुरक्षा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।*
*संस्था के अध्यक्ष संजय कटारिया एवं सचिव आनंद सोनी ने इस शिविर में न्यायाधीश हीरल मीणा द्वारा विद्यार्थियों को दिए गए मार्गदर्शन के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की। इस अवसर पर समन्वयक श्रीनारायण शर्मा, कुणाल जैन, कमल बडजात्या, सतीश तोषनीवाल, अशोक जोशी, विष्णु साहू, गजवीर सिंह व रामावतार प्रजापत सहित विद्यालय का स्टॉफ उपस्थित रहा। कार्यक्रम का संचालन शिक्षक आजाद शर्मा ने किया।*



















