*बेईमानी व धोखाधड़ी से रजिस्ट्री करने का आरोपी बरी*

*केकड़ी- 08मई (पवन राठी )*
*अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट संख्या प्रथम ने बेईमानी व धोखाधड़ी से रजिस्ट्री करने का आरोपी प्रहलाद पुत्र रामचंद्र खाती निवासी कल्याण कॉलोनी केकड़ी को धारा 420, 406, 418, 467, 468 ,471 भारतीय दंड संहिता  के आरोप से बरी करने का आदेश दिया गया हैl*
*परिवादी भागचंद पुत्र रिदकरण जाट निवासी केकड़ी ने पुलिस थाना केकड़ी में मुकदमा दर्ज करवाया कि प्रहलाद पुत्र रामचंद्र खाती ने अपने खातेदारी  कब्जे कास्त की आराजी खसरा नंबर 7298 रकबा 0.20 हेक्टर किसम बारानी में न्यू लक्ष्मी नगर कॉलोनी देवली रोड में प्लाट संख्या 12 को परिवादी ने अभियुक्त से डेढ़ लाख रुपए में खरीद कर संपूर्ण राशि अदा कर इकरारनामा गवाहों के समक्ष निष्पादित करवाया था तथा इकरारनामा में यह शर्त अंकित की गई थी कि जब भी  परिवादी चाहेगा अभियुक्त से रजिस्ट्री करवा लेगा परंतु कुछ समय पश्चात अभियुक्त ने उक्त प्लाट की रजिस्ट्री  बेईमानी व धोखाधड़ी करते हुए बेचान शुदा प्लांट को श्रीमती गुलाबी पत्नी महावीर प्रसाद वैष्णव निवासी गणपतियां खेड़ा को  बेचान कर दिया उक्त घटना पर पुलिस थाना केकडी ने अनुसंधान कर माननीय न्यायालय  के समक्ष आरोप पत्र अभियुक्त के खिलाफ प्रस्तुत किया गया जिस पर अभियोजन पक्ष ने  कुल 10 गवाहो के बयान करवाए गए थे अभियुक्त के अधिवक्ता निर्मल चौधरी का तर्क था कि गवाहो के बयानों मेभारी विरोधाभास कथन किए हैं तथा अभियुक्त का आशय छल कपट  करने का तथ्य सामने नहीं आया है कि अभियुक्त की मनसा धोखाधड़ी कारित करने की थी तथा उक्त विवाद दीवाने प्रकृति का है न की फौजदारी प्रकृति का है तथा अनुसंधान अधिकारी ने अभियुक्त के इकरारनामा पर  हस्ताक्षरों की एफ़ एस एल जांच भी नहीं करवाई गई है इसलिए अभियोजन पक्ष अभियुक्त का आरोपितअपराधों को प्रमाणित करने में पूर्णतया असफल रहा है तथा उपरोक्त तर्कों से सहमत होते हुए अभियुक्त को दोष मुक्त करने का आदेश दिया गया हैl*

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