*प्रशासकीय असंतुलन से नाराज ‘रेसा’ का प्रदेशव्यापी शंखनाद: 19 हजार प्रधानाचार्यों के पदोन्नति के सीमित अवसर, नए पद उन्नयन (अपग्रेड) की मांग*

राजस्थान शिक्षा सेवा परिषद (रेसा) ने मुख्यमंत्री व शिक्षा मंत्री को भेजा 22 सूत्रीय मांग-पत्र, प्रदेशभर में आंदोलन की चेतावनी

केकड़ी 08जून (पवन राठी )
राजस्थान शिक्षा सेवा परिषद (रेसा) के बैनर तले आज शिक्षक और प्रशासनिक संवर्ग की विभिन्न ज्वलंत समस्याओं को लेकर प्रदेश अध्यक्ष कृष्ण लाल गोदारा के मार्गदर्शन व जिला अध्यक्ष भरत कुमार सिवासिया के निर्देशानुसार मुख्यमंत्री एवं शिक्षा मंत्री के नाम 22 सूत्रीय मांग-पत्र उपखण्ड अधिकारी केकड़ी को सौंपा गया । परिषद ने कहा कि शिक्षा विभाग राज्य का सबसे बड़ा विभाग होने के बावजूद इसके प्रशासनिक ढांचे में समयानुकूल सुधार नहीं होने से अधिकारियों एवं विद्यालयों को अनेक समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी जायज मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो प्रदेश का संपूर्ण शिक्षा सेवा संवर्ग उग्र आंदोलन के लिए विवश होगा ।
राज्य में लगभग 19,000 प्रधानाचार्य कार्यरत हैं, जिनकी तुलना में उच्च प्रशासनिक पदों की संख्या ऊंट के मुंह में जीरे के समान है । वर्तमान में जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) के केवल 534, उपनिदेशक (DD) के 67, संयुक्त निदेशक (JD) के 18 तथा अतिरिक्त निदेशक (AD) के मात्र 3 पद स्वीकृत हैं l
ज्ञापन में मांग की गई है कि जिला शिक्षा अधिकारी से लेकर अतिरिक्त निदेशक संवर्ग की वर्ष 2026-27 की बकाया डीपीसी (DPC) अति शीघ्र आयोजित की जाए ।
साथ ही, नवगठित 8 जिलों में गठन के लगभग 3 वर्ष बीत जाने के बाद भी मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी (CDEO), अतिरिक्त जिला परियोजना समन्वयक (ADPC) तथा डाइट (DIET) के कार्यालय स्वीकृत नहीं हुए हैं, जिससे वहां की शिक्षा व्यवस्था पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है । इन जिलों में तुरंत कार्यालय खोलकर पदों की स्वीकृति जारी की जाए ।
ज्ञापन देने वालों में वरिष्ठ शिक्षा अधिकारी योगेश आचार्य, राधेश्याम कुमावत, मुकेश कुमार सेन व जयसिंह मीणा उपस्थित रहे ।

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