*मण्डा विद्यालय के शिक्षकों ने एक ही दिन में कर दी गणना*
*एक ही दिन में जनगणना कर रचा कीर्तिमान*
*केकड़ी 16 मई (पवन राठी )*
*भारत की 16 वीं जनगणना 2027 के प्रथम चरण का कार्य प्रदेशभर में आज से प्रारम्भ हो गया है। 16 मई से आगामी 14 जून तक चलने वाले इस अभियान के तहत पहले चरण में मकान सूचीकरण और आवास गणना (HLO) की जा रही है। अभियान के पहले ही दिन राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय मण्डा में तैनात स्टेट अवार्डी शिक्षक दिनेश कुमार वैष्णव और शिक्षिका सुनिता चौधरी ने रिकॉर्ड समय में जनगणना कार्य पूर्ण कर एक मिसाल कायम की है। दोनों ने केकड़ी शहर में अपने आवंटित HLB यानि मकानसूचीकरण ब्लॉक का कार्य महज एक ही दिन में पूर्ण कर प्रशासन को भी चौका दिया।*
*इस उल्लेखनीय उपलब्धि पर नगरपालिका केकड़ी के अधिशाषी अधिकारी एवं चार्ज जनगणना अधिकारी केन्द्रप्रसाद शर्मा ने उन्हें बधाई देकर उनका उत्साहवर्धन किया। इस अवसर पर शर्मा ने कहा कि केकड़ी शहर की एचएलबी 36 के प्रगणक दिनेश कुमार वैष्णव और एचएलबी 30 की प्रगणक सुनिता चौधरी ने अपनी जिम्मेदारी को पूरी निष्ठा, लगन और दक्षता के साथ निभाते हुए निर्धारित समय से कही अधिक तेजी से कार्य को पूर्ण किया।* *उनके द्वारा एक ही दिन में मकान सूचीकरण का कार्य करना जिलेभर में चर्चा का विषय बन गया है।* *प्रशासन ने इसे अनुकरणीय उदाहरण बताते हुए अन्य कर्मचारियों को भी इनसे प्रेरणा लेने की बात कही है। यह पहल दिखाती है कि समर्पण के साथ, सबसे चुनौतीपूर्ण कार्य भी समय पर पूरे किए जा सकते हैं।* *उन्होंने ये भी कहा कि कठिन परिस्थितियों में भी इस तरह की प्रतिबद्धता ही प्रशासनिक कार्यों को सफल बनाती है और समाज में सकारात्मक बदलाव लाती है। उन्होंने कहा कि कठिन परिस्थितियों में घर-घर जाकर सटीक आंकड़े एकत्र करना आसान कार्य नहीं था, लेकिन दोनों ने इसे एक मिशन के रूप में लेकर सफलतापूर्वक पूरा किया।*
*जानकारी के अनुसार जनगणना जैसे व्यापक और जिम्मेदारीपूर्ण कार्य में आमतौर पर कई दिन लग जाते है, लेकिन शिक्षक वैष्णव और शिक्षिका चौधरी ने बेहतर समन्वय, योजना और मेहनत के बल पर इसे एक ही दिन में पूरा कर उदाहरण प्रस्तुत किया। उनके इस कार्य की प्रशासनिक स्तर पर भी सराहना की जा रही है।*
*इस अवसर पर जनगणना सेल प्रभारी शशिकांत दाधीच, विष्णु सैनी, पर्यवेक्षक सांवरा गुर्जर और परिचय पांड्या ने भी दोनों शिक्षकों की सराहना करते हुए कहा कि यह उपलब्धि अन्य कर्मचारियों के लिए प्रेरणादायक है। सम्मान प्राप्त करने वाले शिक्षकों ने कहा कि राष्ट्रहित के इस महत्वपूर्ण कार्य से जुड़कर उन्हें गर्व महसूस हो रहा है। उन्होंने भविष्य में भी ऐसे जनहित और राष्ट्र निर्माण से जुड़े कार्यों में सक्रिय भागीदारी निभाने की प्रतिबद्धता दोहराई।*













