अफीम की अवैध खेती करने का आरोपी हुआ दोष मुक्त**आरोपी गबरा जाट की और से मनोज आहूजा,भैरू सिंह राठौड़, भावेश जैन ने की पैरवी*

केकड़ी 16 जून (जन तंत्र तक अपडेट -ब्यूरो )*
*न्यायालय विशिष्ट न्यायाधीश एनडीपीएस केकड़ी एवं अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश क्रम संख्या एक केकड़ी द्वारा अफीम की अवैध खेती करने के आरोपी गबरा पुत्र पांचू जाट निवासी जोरावर पुरा थाना बोराड़ा को अपराध अन्तर्गत धारा 8/16 व 8/18 एनडीपीएस एक्ट के आरोपों को अभियोजन द्वारा संदेह से परे साबित नहीं करने के परिणामस्वरूप अभियक्त गबरा को खुले न्यायालय में निर्णय सुनाते हुए दोष मुक्त किया है।*
*अभियुक्त के विरूद्ध मामला पुलिस थाना बोराड़ा के थानाधिकारी शंकर लाल मीणा द्वारा दिनांक 5 मई 2019 को गश्त के दौरान जोरावर पुरा तिराहा से स्कूल के आगे आकोड़िया की तरफ देखा कि खेत में गेंहू की फ़सल बो रखी थी जिसके बीच में एक क्यारी में अवैध अफीम के पौधे बो रखे थे जिसके डोड़े आ रखे थे तथा अफीम के कुछ पौधों के सफ़ेद फूल आ रखे थे तथा उक्त सभी पौधे गीले व हरे हैं जिस पर थानाधिकारी ने हलका पटवारी को तलब कर जानकारी ली तो उसने बताया कि खसरा नंबर 226 है जिसमें 35 फ़ीट लम्बाई व 12 फ़ीट चौड़ाई पर 48 पौधे मिले जिनका वजन 58 किलोग्राम पाया गया। तफ्तीश से इन पौधों का मालिक गबरा जाट पाए जाने पर उसे गिरफ्तार कर चार्जशीट पेश की गई।*
*अभियोजन ने अपने मामले को साबित करने के लिए 16 गवाह व 50 दस्तावेज पेश किये l*बचाव पक्ष के एडवोकेट मनोज आहूजा,भैरू सिंह राठौड़,भावेश जैन,  के द्वारा तर्क प्रस्तुत किया गया कि घटना स्थल खेत गबरा के कब्जे स्वामित्व का नहीं था।*मादक पदार्थ के बोरे मालखाने में सुरक्षित नहीं रखे गये।जब्तशुदा* *माल* *व इन्वेन्टरी किये गए माल के वजन* *में अंतर पाया गया।स्वतंत्र गवाह* *स्थानीय व्यक्ति को नहीं बनाया गया। **इस सम्बन्ध में माननीय सर्वोच्च न्यायालय व उच्च न्यायालय की कानूनी नजीरें पेश की गई जिससे सहमत होकर विशिष्ट न्यायाधीश एनडीपीएस एक्ट केकड़ी कोर्ट नंबर एक ने अभुियक्त गबरा को अपराध धारा 8/16 व 8/18 एनडीपीएस एक्ट के अपराध से दोष मुक्त कर दिया है।*

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