*केकड़ी -25 अप्रेल (पवन राठी )*
*अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश संख्या 2 की अदालत के पीठा सीन अधिकारी प्रवीण कुमार वर्मा ने मोडसा तहसील नैनवा व हाल सोल कलां निवासी नंदा कंवर व उनके पुत्रों की और से प्रस्तुत घातक दुर्घटना अधिनियम की दावा याचिका का निस्तारण करते हुए नैनवा निवासी मकान मालिक मुकेश पुत्र गोपाल के खिलाफ अवार्ड पारित करते हुए 12 लाख चौतीस हजार रुपये की क्षतिपूर्ति राशि अदा करने के आदेश पारित किए हैं।मृतक के परिजनों के अधिवक्ता मनोज आहूजा ने बताया कि दिनाँक 6 दिसम्बर 2019 को मृतक किशन सिंह बतौर मजदूर के रूप में काम करते हुए नैनवा के वार्ड नंबर 4 में स्थित प्रतिवादी मुकेश पुत्र गोपाल के मकान निर्माण का कार्य कर रहा था जो निर्माण से पूर्व दिवार गिराते समय दीवार के नीचे दब गया जिसकी वजह से मृतक के शरीर पर चौटें कारित हुई और उसे हॉस्पिटल में मृत घोषित कर दिया गया।उक्त घटना की पुलिस थाना नैनवा में प्मर्ग रिपोर्ट दर्ज कर बाद अनुसंधान मृतक की मृत्यु दबकर मरने से होने की रिपोर्ट पेश की गई।प्रार्थीगण के अधिवक्ता मनोज आहूजा ने उक्त दस्तावेजों के आधार पर याचिका प्रस्तुत करते क्षतिपूर्ति राशि की मांग की जिस पर मकान मालिक मुकेश की और से अभिवचन लेते हुए दुर्घटना मृतक की स्वंय की लापरवाही से होने तथा दुर्घटना के सम्बन्ध में एक लाख 15 हजार राशि देने की बात कही गई तथा दुर्घटना नैनवा में होने से न्यायालय के क्षेत्राधिकार पर आपत्ति की गई जिसका खंडन करते हुए याचिकाकर्ता के अधिवक्ता मनोज आहूजा ने कहा कि क्षतिपूर्ति राशि विधि के प्रावधानों के अनुसार दी जानी चाहिए इसलिए इकरारनामा व राजीनामा वैध नहीं है तथा मृतक के परिजन वर्तमान में सोल कलां में निवास कर रहे हैं इसलिए माननीय न्यायालय को क्षेत्राधिकार व श्रवण अधिकारी माना जाने का तर्क दिया।*जिसके समर्थन में न्यायिक नजीरे भी प्रस्तुत की।आदि तर्कों से सहमत होते हुए न्यायाधीश ने मकान मालिक मुकेश को क्षतिपूर्ति अदायगी के लिए उत्तरदायी मानते हुए 12 लाख 34 हजार रूपये तथा याचिका प्रस्तुत करने की दिनाँक से ब्याज की राशि अधिकरण के समक्ष जमा करवाने के निर्देश पारित किए हैं।दुर्घटना के सात साल बाद अवार्ड पारित होने पर* *पीड़ित परिवार को राहत मिली है।*










